तमिलनाडु के नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन गिरफ्तार

तमिलनाडु के नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन गिरफ्तार

अभिनेत्री तृषा पर कथित अभद्र टिप्पणी के मामले में तमिलनाडु के नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन गिरफ्तार, हाईकोर्ट से मिली राहत

चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में मंगलवार को उस समय हलचल मच गई जब नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन को अभिनेत्री तृषा के खिलाफ कथित अभद्र और महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उदयनिधि ने इसे "मजाक" बताते हुए मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

जानकारी के अनुसार, तंजावुर में आयोजित एक सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन के दौरान उदयनिधि स्टालिन द्वारा अभिनेत्री तृषा को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के बाद उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके आधार पर तंजावुर ईस्ट पुलिस ने ग्रेटर चेन्नई पुलिस की सहायता से मंगलवार सुबह चेन्नई स्थित उनके नीलांगरई आवास से उन्हें हिरासत में लिया।

पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ तमिलनाडु महिला उत्पीड़न निषेध अधिनियम तथा आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि सुनवाई के दौरान मद्रास हाईकोर्ट ने पूछताछ में सहयोग करने की शर्त पर उन्हें रिहा करने का निर्देश दिया।

गिरफ्तारी पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। डीएमके ने इसे सत्तारूढ़ सरकार की राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया, जबकि सत्तापक्ष और भाजपा ने पुलिस कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि किसी महिला के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है।

उदयनिधि स्टालिन ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है और वह कानूनी रूप से अपना पक्ष रखेंगे।

उल्लेखनीय है कि उदयनिधि स्टालिन इससे पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। सितंबर 2023 में उन्होंने सनातन धर्म की तुलना मच्छर, डेंगू, मलेरिया और कोरोना जैसी संक्रामक बीमारियों से करते हुए कहा था कि ऐसे तत्वों का केवल विरोध नहीं, बल्कि "उन्मूलन" किया जाना चाहिए। इस बयान के बाद देशभर में तीखी राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया देखने को मिली थी तथा उनके खिलाफ विभिन्न राज्यों में शिकायतें और कानूनी कार्रवाइयाँ भी शुरू हुई थीं।